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सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम 1955

सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम 1955  अस्पृश्यता के प्रयोग एवं उसे बढ़ावा देने तथा अस्पृश्यता से या उससे संबंधित मामलों के कारण उत्पन्न किसी प्रकार के निर्योग्यता (Disability), को दण्डित करने के उद्देश्य से 1955 में अस्पृश्यता (अपराध) अधिनियम, 1955, (Untouchability Offences Act, 1955) बनाया गया था। अधिनियम का संख्यांक 22 है। भारत गणराज्य के छठे वर्ष में संसद द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो- सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम को 8 मई 1955 को राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हुई ! यह अधिनियम 1 जून, 1955 से प्रभावी हुआ था। अप्रैल 1965 में गठित इलायापेरूमल समिति (Elayaperumal Committee) की अनुशंसाओं के आधार पर 1976 में इसमें व्यापक संशोधन किए गए तथा अस्पृश्यता (अपराध) अधिनियम, 1955 [Untouchability (Offences) Act, 1955] का नाम बदलकर नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 (Protection of Civil Rights Act, 1955) कर दिया गया था। संशोधित अधिनियम 19 नवंबर, 1976 से प्रभावी हुआ था। यह अधिनियम भारतीय संविधान के अनुच्छेद 17 के अस्पृश्यता उन्मूलन संबंधी प्रावधानों के अनुरूप ही है। यह अधिनियम स्वयं अस्प...