सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

राज्यसभा में सदस्यों की संख्या ( राज्य के अनुसार )

राज्यसभा --
संरचना (अनुच्छेद -80 )
अधिकतम सदस्य संख्या - 250 (238+12)
वर्तमान में -245 (233+12)
मनोनीत सदस्य - 12

राज्यसभा के सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु -30 वर्ष
राज्यसभा का कार्यकाल - 6 वर्ष

राज्यसभा का पदेन सभापति - उपराष्ट्रपति

राज्यसभा में सदस्यों की संख्या
उत्तरप्रदेश - 31
महाराष्ट्र - 19 
तमिलनाडु-18
बिहार - 16
पश्चिम बंगाल - 16
आंध्रप्रदेश-  11
मध्यप्रदेश - 11
गुजरात - 11
उडीसा - 10




टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

प्राचीन भारत: हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म और जैन धर्म (NCERT) !

एनसीईआरटी की किताबों को प्रत्येक यूपीएससी उम्मीदवार के लिए पढ़ा जाना चाहिए और वे ncert.nic.in वेबसाइट से मुफ्त डाउनलोड के लिए उपलब्ध हैं।  लगभग हर यूपीएससी टॉपर ने एनसीईआरटी की किताबों को पढ़ने के महत्व को दोहराया है। NCERT कक्षा 6 - इतिहास   इस पोस्ट के लिए संदर्भ सामग्री कक्षा 6 (हमारा अतीत -1) के लिए NCERT से लिया गया है।  प्रत्येक अध्याय के केवल मुख्य बिंदुओं को नीचे संकलित किया गया है।  हमारी सलाह है कि पहले संबंधित एनसीईआरटी पुस्तक पढ़े और फिर इस संकलन का उपयोग त्वरित संशोधन ( जल्दी revision ) के लिए करें।  हमारा मानना ​​है कि यह लिस्टिंग परीक्षा के समय में काम आयेगी !  नए प्रश्न और विचार -  महाजनपदों के कारण, शहर फल-फूल रहे थे और गांवों में जीवन शैली बदल रही थी।  अब यहाँ, कई विचारक समाज में इन परिवर्तनों को समझने की कोशिश कर रहे थे।  वे जीवन का सही अर्थ जानना चाहते हैं बुद्ध -  बुद्ध एक छोटे गण से संबंधित थे जिन्हें शाक्य गण के रूप में जाना जाता था, और एक क्षत्रिय थे।  उन्होंने आखिरकार एहसास करने के लिए अपना रास्ता खोजने ...

सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम 1955

सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम 1955  अस्पृश्यता के प्रयोग एवं उसे बढ़ावा देने तथा अस्पृश्यता से या उससे संबंधित मामलों के कारण उत्पन्न किसी प्रकार के निर्योग्यता (Disability), को दण्डित करने के उद्देश्य से 1955 में अस्पृश्यता (अपराध) अधिनियम, 1955, (Untouchability Offences Act, 1955) बनाया गया था। अधिनियम का संख्यांक 22 है। भारत गणराज्य के छठे वर्ष में संसद द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो- सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम को 8 मई 1955 को राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हुई ! यह अधिनियम 1 जून, 1955 से प्रभावी हुआ था। अप्रैल 1965 में गठित इलायापेरूमल समिति (Elayaperumal Committee) की अनुशंसाओं के आधार पर 1976 में इसमें व्यापक संशोधन किए गए तथा अस्पृश्यता (अपराध) अधिनियम, 1955 [Untouchability (Offences) Act, 1955] का नाम बदलकर नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 (Protection of Civil Rights Act, 1955) कर दिया गया था। संशोधित अधिनियम 19 नवंबर, 1976 से प्रभावी हुआ था। यह अधिनियम भारतीय संविधान के अनुच्छेद 17 के अस्पृश्यता उन्मूलन संबंधी प्रावधानों के अनुरूप ही है। यह अधिनियम स्वयं अस्प...

प्राचीन भारत: प्रारंभिक शहर और गणराज्य (NCERT)

सबसे शुरुआती शहरों में हड़प्पा - - ये शहर लगभग 4700 साल पहले विकसित हुए थे। - इनमें से कई शहरों को दो या अधिक भागों में विभाजित किया गया था। - पश्चिम का हिस्सा छोटा लेकिन उच्चतर था: सीताफल - पूर्व का हिस्सा बड़ा लेकिन निचला: निचला शहर था - ईंटों को एक इंटरलॉकिंग पैटर्न में रखा गया था और इससे दीवारें मजबूत हुईं। - गढ़ पर विशेष भवनों का निर्माण किया गया था।  उदाहरण के लिए, मोहनजोदड़ो में, एक टैंक: महान स्नान। - कालीबंगन और लोथल में आग की वेदी थी, जहाँ बलि दी जा सकती थी। - मोहनजोदड़ो, हड़प्पा और लोथल में विस्तृत भंडार गृह थे।  - आंगन के चारों ओर बने कमरों के साथ मकान एक या दो मंजिला ऊँचे थे।  - अधिकांश घरों में एक अलग स्नान क्षेत्र था, और कुछ में पानी की आपूर्ति के लिए कुएं थे। -  इनमें से कई शहरों में नालियां थीं। - तीनों - मकान, नालियाँ और सड़कें - शायद एक ही समय में बनाई और बनाई गई थीं। -  ज्यादातर चीजें पत्थर, खोल और धातु से बनी होती हैं, जिनमें तांबा, कांस्य, सोना और चांदी शामिल हैं। -  तांबे और कांसे का उपयोग औजार, हथियार, आभूषण और बर्तन बनाने के लिए किय...