सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

TOP SEARCH ENGINE

Search Engine  - a program that searches for and identifies items in a database that correspond to keywords or characters specified by the user, used especially for finding particular sites on the World Wide Web.



https://en.m.wikipedia.org/wiki/List_of_search_engines

https://spyserp.com/blog/top-10-best-search-engines-list




https://www.google.com/amp/s/www.searchenginejournal.com/alternative-search-engines/271409/amp/

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

जास्कर नदी

ज़ास्कर नदी Zanskar River जास्कर नदी कश्मीर में बहने वाली सिधु की प्रमुख सहायक नदी है !  भारतीय वायु सेना ने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में बर्फ से ढकी ज़ास्कर नदी (Zanskar River) से 107 से अधिक लोगों को बचाया है। ज़ास्कर नदी के बारे में ज़ास्कर नदी उत्तर की ओर बहने वाली सिंधु की सहायक नदी है। ज़ास्कर नदी के ऊपरी प्रवाह की दो मुख्य धाराएँ हैं। इसकी पहली धारा जिसे डोडा (Doda) कहा जाता है, का उद्गम पेन्सी ला (Pensi La) दर्रे के पास से होता है। यह ज़ास्कर घाटी के साथ दक्षिण-पूर्व की ओर बहती है। इसकी दूसरी धारा का निर्माण कर्ग्याग नदी (Kargyag River) और त्सराप नदी (Tsarap River) से होता है। कर्ग्याग नदी का उद्गम शिंगो ला (Shingo La) दर्रे के पास से होता है। त्सराप नदी का उद्गम बारालाचा ला (Baralacha La) दर्रे के पास से होता है। ये दोनों नदियाँ पुरने गाँव के पास आपस में मिलकर लुंगणक नदी (Lungnak river) का निर्माण करती हैं। यहाँ से लुंगणक नदी ज़ास्कर घाटी में उत्तर-पश्चिम की ओर बहती है और डोडा नदी से मिलने के बाद ज़ास्कर नदी का निर्माण करती है। चादर ट्रैक (Chadar Trek) सर्दी के मौसम में ज़ास्...

विधानपरिषद

विधान परिषद या राज्य विधान परिषद भारत के उन राज्यों में उच्च सदन है, जिनके पास द्विसदनीय विधायिका है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 169 में विधान परिषद की स्थापना का प्रावधान है। 2018 तक, 29 राज्यों में से 7 में एक राज्य विधान परिषद है। विधान परिषदों (MLC) के सदस्य स्थानीय निकायों, राज्य विधान सभा, राज्यपाल, स्नातकों और शिक्षकों द्वारा चुने जाते हैं। वे विधान परिषद में 6 वर्षों के लिए चुने जाते हैं। हर दो साल में एक तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त हो जाते हैं। राज्य विधान परिषदों की सूची- (7 राज्य ) 1. जम्मू और कश्मीर 2.- उत्तरप्रदेश 3.- बिहार 4.- महाराष्ट्र 5.- कर्नाटक 6. तेलंगाना 7.- आंध्रप्रदेश

सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम 1955

सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम 1955  अस्पृश्यता के प्रयोग एवं उसे बढ़ावा देने तथा अस्पृश्यता से या उससे संबंधित मामलों के कारण उत्पन्न किसी प्रकार के निर्योग्यता (Disability), को दण्डित करने के उद्देश्य से 1955 में अस्पृश्यता (अपराध) अधिनियम, 1955, (Untouchability Offences Act, 1955) बनाया गया था। अधिनियम का संख्यांक 22 है। भारत गणराज्य के छठे वर्ष में संसद द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो- सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम को 8 मई 1955 को राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हुई ! यह अधिनियम 1 जून, 1955 से प्रभावी हुआ था। अप्रैल 1965 में गठित इलायापेरूमल समिति (Elayaperumal Committee) की अनुशंसाओं के आधार पर 1976 में इसमें व्यापक संशोधन किए गए तथा अस्पृश्यता (अपराध) अधिनियम, 1955 [Untouchability (Offences) Act, 1955] का नाम बदलकर नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 (Protection of Civil Rights Act, 1955) कर दिया गया था। संशोधित अधिनियम 19 नवंबर, 1976 से प्रभावी हुआ था। यह अधिनियम भारतीय संविधान के अनुच्छेद 17 के अस्पृश्यता उन्मूलन संबंधी प्रावधानों के अनुरूप ही है। यह अधिनियम स्वयं अस्प...